पश्चिम बंगाल की राजकीय प्रतीक की सूची

88752 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला हुआ इस राज्य का नाम पश्चिम बंगाल है। यहां की राजधानी कोलकाता है। यहां के मुख्यमंत्री के पद पर कई वर्षो से ममता बनर्जी विराजमान हैं। पश्चिम बंगाल की प्रमुख मिठाई रसोगुल्ला है। यहां पर एक बहुत ही प्रसिद्ध पूल है जो हॉगली नदी पे बना है जिसका नाम हावड़ा ब्रिज है जो कि कोलकाता में है। पश्चिम बंगाल राज्य अपनी सीमा असम, सिक्किम, बिहार, झारखंड, और ओडिशा के साथ बांटता है। अगर हम इतिहास के बारे मै जाने तो यहां देश की आजादी के लिए बहुत से अभियान चलाये गए थे। ज्योति वासु 23 साल तक बाममोर्चे का नेतृत्व करते हुए यहां के मुख्यमंत्री रहे जिनकी आंत तक हार नहीं हुई आखरी में उन्होंने राजनीति से सन्यास ले लिया। आज हम यहां के राजकीय प्रतीक की सूची के बारे मैं बात करेंगे।

विषय - सूची

राजकीय पशु: मत्स्य बिल्ली (फिशिंग कैट)

इस पशु का वैज्ञानिक नाम प्रीयोनइलुरुस विवेरिनस है।

ये ज्यादातर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाए जाते है। ये पशु 2016 के हिसाब से आईयूसीएन रेड लिस्ट में डाले गए थे। ये बिल्लियां ज्यादातर मैंग्रोव, वेटलैंड्स के आसपास, नदी की धाराओं के साथ यही पे पाए जाते हैं। ये पशु रेड लिस्ट में इसलिए सामिल किए गए क्योंकि इनकी जान को खतरा था क्योंकि जिस जगह ये पाए जाते है धीरे धीरे वो जगह ख़त्म हो रही हैं।

राजकीय पक्षी: श्वेतकंठ कौड़िल्ला (व्हाइट थ्रोटेड किंगफिशर) 

इस पक्षी को पश्चिम बंगाल के राजकीय पक्षी का दर्जा मिला है।इसका वैज्ञानिक नाम हैल्सीनो स्माइरनेसीस है। यह पक्षी एशिया के अलग अलग भागो में पाया जाता है। छोटे छोटे किड़े मकोड़े, सांप, छोटे मछली, और भी बहुत से सरीसृप इनका भोजन रहता है। सन्तान उत्पन्न होने के समय ये पक्षी घरो या तारो के ऊपर बैठ कर सुबह सुबह आवाज निकलते हैं। ये पक्षी दिखने में भी बहुत सुंदर होते है और इनकी चोंच बहुत लम्बी होती हैं।

जरूर पढ़ें:  CAA, CAB, NRC और NPR क्या है? हिंदी में जानकारी

राजकीय फूल: शेफाली 

इस फूल को, हरसिंगार, शिऊली इन नामों से भी जाना जाता है। ये फूल एक बहुत बड़े पेड़ पे होती है जिसका नाम प्राजक्ता है। इस फूल की सुगन्ध बहुत ही प्यारी और आकर्षक होती हैं। इसका वैज्ञानिक नाम निक्टेन्थिस आर्बोर्टिस्टिस है। इस वृक्ष के सारे आंग बहुत ही गुणकारी होते है जो बहुत सी बीमारियों को दूर करने में बहुत मदत्त करता है। यह पुष्प हर तरह से गुणकारी और सुन्दर है।

राजकीय वृक्ष: सप्तपर्ण

सप्तपर्ण को राजकीय वृक्ष बनाया गया है। इसका वैज्ञानिक नाम एलस्टोनिया स्कोलिरीस हैं। इसे छितवन भी बोलते हैं। यह वृक्ष बहुत बड़ा होता है।

राजकीय चिन्ह्:

इस राज्य का राजकीय चिन्ह् गोल आकार का है। इस चिन्ह् में हरा रंग को बहुत ही महत्व दिया गया है। इस चिन्ह् में अंदर के गोल में हमारे विश्व का नक्शा हैं। 

राजकीय भाषा:

यहां की राजकीय भाषा हो बंगाली (बांग्ला) है। ऐसे तो यहां बहुत सी भाषाएं बोली जाती हैं जैसे कि हिन्दी, नेपाली और उर्दू। 

जरूर पढ़ें:  झारखंड की राजकीय प्रतीक की सूची

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here