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उत्तर प्रदेश की राजकीय प्रतीक की सूची

उत्तर प्रदेश हमारे भारत के सर्वाधिक आबादी वाला राज्य  है।ये राज्य 243,286 km² क्षेत्रफल में फैला हुआ है । अपको पता है कि ये  राज्य अनेक चीज़ो के लिए प्रचलित है जैसे कि इस राज्य में अनेक तीर्थस्थल है और इस राज्य में  सबसे ज्यादा प्रचलित नदी गंगा , यमुना और सरसवती का संगम है जो कि प्रयागराज में है और इस संगम को त्रिवेणी संगम कहा जाता है। इस राज्य में कई सालो की परिश्रम के बाद दुनिया का सबसे भव्य मंदिर राम मंदिर का भी निर्माण होने वाला है।तो चलिए इसके राजकीय प्रतीको  के बारे में जानते है:-

राजकीय पशु:-बारहसिंगा

243,286 km2  में फैला हुआ इस राज्य का राजकीय पशु का नाम बारहसिंगा है। इसका वैज्ञानिक नाम रूसर्वुस दुवॉसली है। इसे स्वांप डीर भी कहा जाता है।

यह पाकिस्तान और बांग्लादेश में लुप्त हो चुका है।वयस्क बारहसिंगा का वजन 170 किलोग्राम है।इसकी शोल्डर तक की लंबाई 110 से 120 cm है।

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राजकीय पक्षी:- सारस क्रेन

इस सर्वाधिक आबादी वाला राज्य की राजकीय पक्षी का नाम सारस क्रेन है।इसका वैज्ञानिक नाम ग्रस अंटिगोन है।यह भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाने वाली एक बड़ी गैर-प्रवासी क्रेन है।वयस्क सारस क्रेन का वजन 5.9 किलोग्राम है।यह 1.8 मीटर की ऊंचाई का सबसे लंबा पक्षी है।इसका मुख्य प्रजनन काल वर्षा ऋतु में होता है।

राजकीय फूल:- पलाश

उत्तर प्रदेश के राजकीय फूल का नाम पलाश है । इसका वैज्ञानिक नाम ब्यूटीया मोनिस्परमा है।यह प्रजाति ब्यूटिया मूल की है।यह केवल उत्तर प्रदेश का ही नहीं बल्कि झारखंड का भी राजकीय फूल है।यह एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है।इसका उपयोग दवा, डाई, लकड़ी, राल और चारे के लिए किया जाता है।इससे चारकोल प्राप्त किया जा सकता है। यह लकड़ी गंदी, सफेद और मुलायम होती है।

राजकीय वृक्ष :- सीता अशोका

सीता अशोका का वैज्ञानिक नाम सराका असोका है। ये भी उत्तर प्रदेश का ही नहीं बल्कि ओडिशा का भी राजकीय वृक्ष है।यह एक वर्षा वन वृक्ष है।यह एक कमजोर प्रजाति है।यह अपने सुंदर पर्णसमूह और सुगंधित फूलों के लिए जाना जाता है।

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राजकीय चिन्ह:- मछली एवं धनुष

उत्तर प्रदेश का राजकीय चिन्ह मछली एवं धनुष को 1938 में अपनाया गया था।इस चिन्ह में गंगा एवं यमुना दाए और बाए से आते हुए और आगे जाते हुए दिखाई गई  है एक तरह से बोला जाते तो ये गंगा और यमुना का संगम है। बीच में दो मछलियों के बीच तिर धनुष को दिखाया गया है।

राजकीय भाषा

 हिन्दी उत्तर प्रदेश की राजकीय भाषा है और उप राजकीय भाषा उर्दू को बनाया गया है। ऐसे तो आप जानते ही होंगे कि यहां बहुत आवादी भोजपुरी भी बोलती हैं।

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