मध्यप्रदेश के रीवा में बने एशिया के सबसे बड़े सौर परियोजना का लोकार्पण आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा किया।

एशिया के सबसे बड़े सौर प्लांट का लोकार्पण आज प्रधानमंत्री ने किया। 4000 करोड़ रुपए में बनी 750 मेगा वाट सौर परियोजना का आधारशिला 2017 में मध्य प्रदेश के तत्कालिक सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रखी थी। इस परियोजना के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 138 करोड़  रुपया वित्तीय सहायता शिवराज सरकार को दी थी।डेढ़ हजार हेक्टेयर में फैली सौर प्लांट की भीतर 250 मेगा वाट की तीन सौर इकाइयां हैं प्रत्येक इकाई 500 हेक्टर जमीन में फैली है इसके अलावा 5000 मेगा वाट की 6 परियोजना अभी भी निर्माणाधीन है।

 लोकार्पण के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा मध्य प्रदेश को साफ-सुथरी और सस्ती बिजली का हब बनाया जा रहा है। इससे हमारे किसानों मध्यम और गरीब परिवारों और आदिवासियों का फायदा होगा।

हमारी संस्कृति में सूर्य का विशेष महत्व रहा है उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक से समझाया कि जो सूर्य का उपासना मनुष्यों के लिए पवित्र हैं। सूर्य देवता कि उसी उर्जा को आज पूरा देश महसूस कर रहा है रीवा में आज ऐसा ही एहसास हो रहा है।

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 नरेंद्र मोदी ने कहा 21वी सदी में ऊर्जा का एक बड़ा माध्यम सौर ऊर्जा बनने जा रही है। यह श्योर प्योर और सिक्योर है। श्योर इसलिए क्योंकि यह संसाधन कभी समाप्त नहीं होने वाला है। प्योर इसलिए क्योंकि इससे पर्यावरण पूरी तरह सुरक्षित और साफ सुथरा बना रहेगा। सिक्योर इसलिए क्योंकि इससे बिजली की जरूरत आसानी से पूरी किया जा सकेगा। 

जैसे-जैसे भारत विकास के नए शिखरों तरफ बढ़ रहा है हमारी  आशाएं औरआकांक्षाएं बढ़ रही हमारी ऊर्जा की बिजली की जरूरत भी उसी तरह से बढ़ रही है ऐसे समय में बिजली पर आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है।

रीवा की पहचान पहले सफेद बाघ के रूप में होता था आज से इसकी पहचान एशिया का सबसे बड़े सोलर प्लांट प्रोजेक्ट के नाम पर होगा।

साथ ही साथ सोलर एनर्जी के कारण हम दुनिया के शीर्ष 5 देशों में पहुंच जाएंगे इससे भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बल मिलेगा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा की विभिन्न सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से मध्य प्रदेश भविष्य में 10,000 मेगा वाट बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य रखी है और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए यह उत्पादन अहम योगदान देने वाली है।

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परियोजना से पैदा हुई बिजली का 76% हिस्सा प्रदेश के पावर मैनेजमेंट कंपनी और 24 परसेंट दिल्ली मेट्रो को दिया जाएगा।

यह परियोजना इस मायने में भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें प्रति यूनिट की क्रय  दर ₹2.97 पैसा है जो अब तक की सबसे न्यूनतम दर है। सौर परियोजना से हर साल15.7 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का रोका जा रहा है जो दो करोड़ 60 लाख पेड़ों के लगाने के बराबर है।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रीवा में सोलर प्लांट के लोकार्पण के मौके पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नेता और विधायक पीएम के संबोधन को सुनते देखे गए।

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