मोबाइल फोन का इतिहास | मोबाइल फोन का आविष्कार | दुनिया की सबसे महंगा मोबाइल

0
135

आज के आधुनिक युग में मोबाइल एक ऐसा साधन बन चुका है जिसके बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकता है। आज हम जीवन के आधा से अधिक कार्य मोबाइल के सहयोग से ही करते हैं या उस पर निर्भर रहते हैं। आज ऐसा हालात हो गया है कि हम परिवार या मित्रों के बिना कुछ समय तक रह सकते हैं पर मोबाइल के बिना एक सेकंड भी रहना मुश्किल हो गया है।

मोबाइल को कई नामों से जाना जाता है जैसे मोबाइल फोन, सेल फोन, हाथ फोन या कार फोन और अब इसे स्मार्टफोन भी कहा जाता है। पहले लोग केवल बात ही कर पाते थे। परन्तु अब देखा जाए तो हम सभी एक दूसरे को देख कर बात कर सकते हैं। फोटो खींचने के लिए अब किसी कैमरामैन कि जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि मोबाइल में ये सुविधा होने के कारण हर मोबाइल इस्तेमाल करने वाले कैमरामैन बन गए हैं।

विषय - सूची

दुनिया में सबसे पहली मोबाइल फोन का आविष्कार किसने किया था, कब और कहां हुआ

Martin Cooper ne kiya tha duniya ke sabse phele phone ka avishkar

मोबाइल फोन का स्मार्टफोन बनने का सफर बड़ा ही रोचक है।

दुनिया का सबसे पहला मोबाइल फोन “मार्टिन कपूर (Martin Cooper)” द्वारा मोटरोला Motorola DYNA TAC 800X था, जिसकी वजन लगभग 2 किलो था। जिसे 1983 में लांच किया गया था। जिसका कीमत उस समय 4000 डॉलर रखा गया था। जिसकी कीमत भारतीय रुपये के हिसाब से तब 40000 रूपये थी। इसमें केवल 30 मिनट तक ही बात करने की सुविधा थी। परंतु यह एक चमत्कारी अविष्कार था। अब मनुष्य बिना किसी तार के यानी वायरलेस से भी बात कर सकते हैं।

लोग पढ़ रहे हैं:
1. लड़ाकू विमान राफेल के 10 महत्वपूर्ण खुबिया
2. दोस्तों के साथ खेलने वाला 5 व्हात्सप्प गेम हिंदी में
3. दुनिया में दुर्लभ लुप्तप्राय जानवर
4. भारत जापान “सीक्रेट डील”

मोबाइल फोन का प्रारंभिक इतिहास एवं उसका क्रमागत उन्नति

mobile phone ka itihas aur unnati kaise hua btaeye

1983 में बना दुनिया की पहली मोबाइल फोन में कई खामियां थी। सन 1989 में दूसरा मॉडल तैयार किया जिसका नाम 9800X या माइक्रो टेक रखा गया। अब इसमें फोल्ड डाउन, कीबोर्ड, कवर मौजूद था। 1991 में जीएमएस वाली मोबाइल फोन लांच हुआ।

जरूर पढ़ें:  जीरो के बारे में जानकारी | शून्य संख्या की परिभाषा क्या है, खोज किसने और कब की, उसका महत्व जानिए।

जिसका नाम ORBTEL TUP 900 था। 1992 तक मोबाइल फोन सिर्फ बिजनेसमैन लोगों के द्वारा ही इस्तेमाल किया जाता था। परंतु इसी वर्ष नोकिया कंपनी द्वारा बनाई गई मोबाइल नोकिया 1011 जो डिजिटल डिस्पले के साथ बाजार में आया था और आम आदमी के हाथों पर भी छा गया था।

उसके बाद कई कंपनियों ने अलग-अलग और कम कीमतों में मोबाइल फोन नए-नए सुविधा एवं फीचर्स के साथ बाजार में उतारते गए तथा देखते देखते मोबाइल स्मार्टफोन बन गया।

भारत में मोबाइल फोन कब आया

आज से लगभग 23 साल पहले सेलुलर नेटवर्क द्वारा भारत में पहला फोन कॉल किया गया था। इसके साथ ही 31 जुलाई 1995 को पश्चिम बंगाल के तत्कालिक मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने कोलकाता में पहला मोबाइल नेट सर्विस की शुरुआत की थी। भारत में सबसे पहले नोकिया कंपनी की मोबाइल बाजार में आई थी।फिर तो धीरे धीरे कई कंपनियों ने मोबाइल के क्षेत्र में भारत पर पैर जमा चुके हैं। जिसमें मुख्य रुप से सैमसंग, मोटरोला, माइक्रोमैक्स, कार्बन, विवो, ओप्पो जैसे दर्जनों कंपनियां आज भी भारत के बाजार में मोबाइल के क्षेत्र में अपना एकाधिकार बना कर रखे हुए हैं।

जरूर पढ़ें:  इंटरनेट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी - इंटरनेट किसे कहते हैं, किसके योगदान से आज इंटरनेट का उपयोग हो रहा है

दुनिया की सबसे महंगा मोबाइल 

ऐसे तो दुनिया में आज कम से कम और महंगी से महंगी मोबाइल फोन उपलब्ध है परंतु दुनिया का सबसे महंगा मोबाइल फोन डायमंड रोज आईफोन को माना गया है। जिसमें 500 हीरे लगे हैं तथा बाजार में की कीमत 56 करोड रुपए रखा गया है।

duniya ka sabase mahanga mobile iphone

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here