आत्मविश्वास कैसे बढ़ाये?

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देखा जाए तो 80 प्रतिशत लोगों में आत्मविश्वास की कमी होती है। खुद पर विश्वास होना बहुत ज्यादा जरूरी है।गलतियों से सीखना बेहद जरूरी होती है क्योंकि आगे चल कर वहीं हमारे सफलता की पहचान बन जाती है। कोई परीक्षा हो या इंटरव्यू अधिकतर लोग बस आत्मविश्वास में कमी होने के कारण ही असफल होते हैं। बच्चों को उत्तर की जानकारी रहती है उसके बाद भी वो डर जाते हैं या घबरा जाते हैं और वहीं गलतियां कर बैठते हैं। जब वहीं बच्चे असफल हो जाते हैं तो वो जान नहीं पाते कि आखिर जानकारी के बाद भी असफलता कैसे मिली? ये सब इसलिए कि लोगों को खुद पर विश्वास नहीं होता है। तो पूरा पढ़िए इस पेज को ताकि आप असफलता की जाल से बाहर निकल सकें।

 आत्मविश्वास क्या है? (Self-confidence)

बिल्कुल छोटे शब्दों के समूह से आप आत्मविश्वास की परिभाषा जान सकते हैं। खुद पर विश्वास होना ही आत्मविश्वास कहलाता है।खुद पर विश्वास कम होने पर ही हम अक्सर घबरा और डर जाते हैं।

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ये दो अहम चीज़ों से बेशक बचें –
1. आत्मविश्वास में कमी 
2. कुछ ज्यादा ही खुद पर विश्वास हो जाना। आपको बता दें कि ये दोनों ही चीज हमारी उन्नति के लिए बहुत ज्यादा घातक है। 

ऐसे बढ़ाएं आत्मविश्वास को 

what matters the most is how you see yourself

आप सिर्फ इन पांच बातों को ही अपने जीवन में अपनाइए फिर आप खुद में बदलाव देखिए। जिंदगी की मोड़ में लाख बाधाएं हैं लेकिन कुदरत ने हर मर्ज का दवा भी बनाया है। 

  • हमेशा सकारात्मक सोचा कीजिए

दरअसल, हम जो भी अपने मन में सोचते हैं वैसा ही प्रतिबिंब बनता है।यदि हम हमेशा नकारात्मक सोचेंगे तो हमारे साथ बुरा ही होगा क्योंकि हम दिमाग में बैठा लेते हैं।हमारा दिमाग एक चुंबक के तरह होता है और नकारात्मक विचार एक लोहे के तरह काम करता है। इसलिए हमे अपने आप को सकारात्मक विचार सोचने के लिए मजबुर कर देना चाहिए। 

  • आंख से आंख मिला कर बातें करना सीखना होगा

जब हम किसी से आंखों में आंखें मिलाकर बात करते हैं तो खुद पर हमें ज्यादा विश्वास होने लगता है। जब भी आप सामने वाले से आंख मिलाकर बात करोगे तो अगले को भी यह एहसास होगा कि व्यक्ति में काबिलियत है। चाहे गलत ही क्यों ना बोलो आप लेकिन खुद पर विश्वास जरूर रखा कीजिए।

  • खुद को हमेशा उत्साहित करते रहें
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हर रोज सुबह उठते ही शपथ लिया करें कि हमें आज इतनी काम करनी है तो करनी है। मोटिवेशनल स्पीच सुना करें और उसका अनुकरण करें। बचपन से हम सभी कछुए और खरगोश की कहानी सुनते आ रहे हैं। तो आप उस कहानी से शिक्षा ले सकते हैं कि जीवन में कभी हार नहीं मानना चाहिए। जब तक है जान तब तक है जीत। 

  • खुद की प्रसंशा खुद से करें

कभी कभी हम अच्छा करते हैं और कोई हमारी प्रसंशा नहीं करता है तो हम उदास हो जाते हैं,फिर हम अपनी ही सफलता से दुखी हो जाते हैं। बस इसी समय आपको उदास नहीं होना है। यदि आपने वाकई में प्रसंशा के लायक काम की है तो खुद की तारीफ खुद से ही करना सीखें।इससे आपकी आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होती है।उम्मीद खुद से रखिए लोगों से नहीं तभी आप खुश भी रहेंगे।

  • दूसरों से तुलना कभी मत कीजिए

प्रत्येक व्यक्ति को भगवान ने झोले भर कर खूबियां दी है। बस अपने अंदर की कला को पहचानिए और अपनी प्रतिभा को निकाल कर एक जलते दीप की तरह उजागर कीजिए। दुनियां में ऐसी कोई भी चीज नहीं है जो नामुमकिन है। हर कोई हर चीज कर सकता है। दूसरों से तुलना करने के बजाए उससे अच्छा करने की सोचें, हो सके आप उससे और भी अच्छा कर सकते हो। 

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आत्मविश्वास से लाभ (Benifit Of Self-confidence) 

  • आप स्पष्ट रूप से अपनी विचार को किसी के भी समक्ष रख सकते हैं
  • सफलता में एक अहम भूमिका निभाती है
  • गलतियां करने से डर नहीं लगेगा
  • घबराहट से बचेंगे 
  • भ्रम से बच सकते हैं

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