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चुनाव पर निबंध हिंदी में | Essay on Election in Hindi

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लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण और हम करी है चुनाव। चुनाव लोकतंत्र की पहचान, आन शान और उम्मीद है। चुनाव जनता की सोच और जनता की इच्छा का निर्णायक पहलू है। चुनाव जनता का जनता के द्वारा जनता के लिए सरकार चुनने का मार्ग है।

चुनाव इस बात की पहचान है कि जनतंत्र में जनता ही शासक है। जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि ही जनता के लिए नीति, न्याय और विकास का रास्ता सुदृढ़ करेगा। चुनाव इस बात की गारंटी है कि जनता कभी भी उस सरकार को सत्ता से हटा सकती है जो सत्ता पर अपना शासन पूर्ण रूप से कायम करना चाहेगा अथवा जनता के अहित में कार्य करेगा। चुनाव एक निष्पक्ष जनता की राय है।

चुनाव की प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूती और संतुष्टि प्रदान करती है। चुनाव को निर्वाचन प्रक्रिया भी कहा जाता है। चुनाव का शाब्दिक अर्थ ही होता है चुनना। चुनाव का देश के विकास में हम भूमिका होती है। चुनाव के कारण नेताओं तथा राजनीतिक दलों के मन में डर रहता है कि अगर जनता विकास कार्यों को अपनी आंखों से नहीं देखेगी तो अगली बार से चुनाव में वोट नहीं देकर सत्ता से बेदखल कर सकती है। लोकतंत्र की नींव चुनावरूपी ईद के सहारे ही मजबूती से टिकी होती है। चुनाव के बिना लोकतंत्र की परिकल्पना ही बेबुनियाद तथा असंभव है।

चुनाव के कारण देश में कानून व्यवस्था तथा शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहती है। चुनाव प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसमें सबकी सहभागिता समान रूप से होती है। जिस में रहने वाले प्रत्येक नागरिक चुनाव में अपने मतों का प्रयोग कर सरकार चुनने में अपना सुझाव या व्यक्तिगत विचार मत के माध्यम से रखते हैं। चुनावी प्रक्रिया की सबसे खास बात यह होती है कि इसमें किसी जाति मजहब और तब का के वोटों का मूल्यांकन उसके व्यक्तिगत जाति मजहब और तब का देखकर नहीं होती। सभी के मत का मूल्यांकन समान होता है। मतदान करना सबका अधिकार है।

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चुनाव की आवश्यकता

लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है चुनाव। इसके बिना लोकतंत्र की परिकल्पना भी संभव नहीं है। लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए आवश्यक है चुनाव। अगर चुनाव बंद कर दी जाए तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था समाप्त होने के साथ ही लोकतंत्र का मजाक बनकर रह जाएगा। लोकतंत्र में प्रजा अपनी सरकार तथा नेता का चुनाव उसकी कार्यप्रणाली, विकास दर तथा व्यवहार देख कर कर दी है जो कि समय समय के अंतराल पर होता रहता है।

अगर चुनाव प्रणाली समाप्त हो गई तो एक ही व्यक्ति पूरे देश पर अपना शासन चलाएगा फिर उसके बाद उसका वंशज इसे आगे लेकर जाएगा। जोकि परिवारवाद में बदल जाएगी और आगे चलकर यह राजतंत्र में बदल जाएगी जिससे देश की विकास रुक जाएगी। न्यायिक व्यवस्था राजा के इशारे पर चलेगी शासन तंत्र चरमरा जाएगी तथा लोगों का व्यक्तिगत जीवन व्यक्तिगत नहीं रह जाएगा। किसी भी लोकतांत्रिक देश के लोकतंत्र बना रहने के लिए चुनाव होना अति आवश्यक है। चुनाव यह तय करती है कि देश का भविष्य कैसा हो।

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भारतवर्ष में चुनाव प्रणाली देश आजाद होने की बाद से लागू है। आजादी के बाद से भारत में कई चुनाव हुए हैं। समय-समय पर चुनाव को आसान बनाने का कार्य किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग चुनाव में हिस्सा ले सकें। मतदान प्रत्येक व्यक्ति के लिए अति आवश्यक है ताकि वह अपने देश के विकास में कर्मठ उम्मीदवार सुनकर योगदान दे सकें।

चुनाव में बदलाव

समय-समय पर मतदान की प्रक्रिया में बदलाव होता रहा है। चुनावी प्रक्रिया में बदलाव का तात्पर्य पर चुनाव में अधिक से अधिक लोगों को लाने का प्रयास तथा चुनावी प्रक्रिया में लोगों को सहूलियत प्रदान करने की व्यवस्था से है। चुनाव में लोगों का मत प्रतिशत पहले बहुत कम हुआ करता था। इसका मुख्य कारण बैलेट पेपर पर चुनाव होना था जिसके कारण चुनाव में भीड़भाड़ तथा चुनावी प्रक्रिया में हेराफेरी का धंधा भी चलता था। जिससे निराश हो बहुत लोग मतदान करने नहीं जाते थे।

परंतु विगत कुछ वर्ष पूर्व से लगभग सन् 2000 ईस्वी से‌ बैलेट पेपर की जगह ईवीएम मशीन ने ले ली। जिससे मतदान करना आसान हो गया। इसमें बैलेट पेपर की कोई आवश्यकता नहीं होती है सिर्फ बटन दबाने से अपने पसंदीदा नेता को वोट डाल देते हैं। इससे समय बचत के साथ साथ धांधली भी नहीं होती है। जिसके कारण धीरे धीरे वोट प्रतिशत भी बढ़ रहा है और लोगों का भरोसा भी।

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18 वर्ष से अधिक देश के सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार होता है। पहले वोट देने के लिए वोटर आईडी बनवाने में बहुत लफड़ा लगता था परंतु अब चुनावी प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक BLO की बहाली होती है जिसे Booth Level officer कहा जाता है। जिससे अब अपने मतदान केंद्र पर जाकर आसानी से वोटर आईडी कार्ड बनवाया जा सकता है।

निष्कर्ष

भारतवर्ष में चुनाव एक अहम भूमिका में पूरे देश में समान रूप से होती है। इसे कई चरणों में बांटा गया है। ग्राम पंचायत चुनाव, विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव। इन सभी चुनावों को भी कई स्तरों पर बैठकर इसे पूर्ण कराया जाता है। जरूरत है इन चुनावी प्रक्रिया को और आसान बनाने की जिसमें सभी नागरिक वोट गिरा सके। इसके लिए ऑनलाइन सिस्टम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है जहां अपना वोटर आईडी नंबर डालकर कोई भी व्यक्ति अपने घर से ही वोट गिरा सके।

आज देश के 80% आबादी दूसरे दूसरे शहरों तथा राज्यों में जाकर रोजगार करते हैं। जिससे चुनाव में उनका आना मुश्किल रहता है। चुनावी प्रक्रिया में ऑनलाइन चुनाव आवश्यक है चुनाव में पारदर्शिता चुनाव के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है ताकि सभी को पता रहेगी 5 साल में उसे अपना मत डालकर अपनी पसंदीदा सरकार चुननी है।

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