फैक्स मशीन की जानकारी

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वर्तमान समय में ईमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम तथा अन्य कई सारे ऐपो के आ जाने के कारण फैक्स मशीन का प्रयोग कम हो गया है। किंतु अभी पूर्ण रुप से लुप्त या बिल्कुल कम नहीं हुई है। इसका इस्तेमाल आज भी कई जगहों में होती है। फेक्स को टेलीफैक्स या टेलीकॉपींग भी कहा जाता है। फैक्स से पहले तार का प्रयोग होता था। परंतु उसमे भी 24 घंटे लग ही जाते थे। फैक्स मशीन की मदद से बस कुछ सेकंड में ही काम हो जाता है। फैक्स करने के लिए एक दूसरे के पास फैक्स नंबरों का होना बहुत आवश्यक है। इस मशीन का प्रयोग ना केवल कागजातों को भेजने या प्राप्त करने के लिए होता है बल्कि लोग इस मशीन का प्रयोग नेशनल तथा इंटरनेशनल जानकारी प्राप्त करने के लिए भी करते हैं। इसका प्रयोग कई जगह में होता है जैसे दुकान, एसटीडी बूथ, कोरियर कार्यालय आदि।

विषय - सूची

फैक्स क्या है?

फैक्स वह मशीन है जिसकी मदद से हम कागजातों को विद्युतीय तरीके से भेजते हैं। इसमें टेलीफोन नेटवर्क का प्रयोग होता है। इसमें इंटरनेट की जरूरत पड़ती है।फैक्स का पूरा अनुवाद फार अवे जेरॉक्स है। भेज रहे कागजातों को फैक्सेस कहते हैं। कागजातों को भेजने के लिए या प्राप्त करने के लिए एक मशीन की आवश्यकता होती है जिसे फैक्स मशीन कहते हैं।

फैक्स मशीन का उपयोग कैसे करते है? 

फैक्स करने के लिए दो फैक्स मशीनों की जरूरत पड़ती है। एक मशीन भेज रहे व्यक्ति के तरफ रहती है तथा दूसरी मशीन भेजे गए व्यक्ति के तरफ रहती है। जिसमें भेजने वाला व्यक्ति कागजातों को फैक्स मशीन में रखकर फैक्स नंबर डालकर भेज देता है। दूसरे तरफ फैक्स मशीन का प्रयोग कर रहे व्यक्ति के पास इन कागज़ातो का एक फोटोकॉपी पहुंच जाता है। फैक्स  मशीन की मदद से दुनिया का कोई भी व्यक्ति कहीं से भी बैठकर आसानी से कोई भी कागजात भेज सकता है।इसे एसटीडी से जोड़कर प्रयोग में लाते हैं। इसे उपयोग करना बहुत सरल एवं सुविधाजनक है। इससे काम भी जल्दी हो जाता है तथा खर्च भी ज्यादा नहीं आता फैक्स का इस्तेमाल करने के लिए मात्र पेपर के ही पैसे भरने पड़ते हैं। यह बहुत ही कम पैसों में तथा कम समय में कागजातों को उसकी जगह तक पहुंचा देती है। एक सामान्य

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फैक्स की कीमत?

फैक्स मशीन 8 से ₹10000 में आ जाती हैं। वही अच्छे और ज्यादा उपकरण वाले फैक्स मशीनों की कीमत 20000 तक है।

फैक्स मशीन का आविष्कार किसने किया तथा कब किया?

फैक्स मशीन का आविष्कार 19वीं सदी में हुआ था। इसे अलेक्जेंडर बेन में 1846 में स्कॉटलैंड में तैयार किया था। सन 1865 में फैक्स मशीन को व्यापार के उद्देश्य से शुरू किया गया था। 19वीं सदी में कागजातों को भेजने का कोई सरल उपाय नहीं था। लोगों को तार की मदद से भेजना पड़ता था। जिसमें काफी समय लगता था एक पूरा दिन यानी कि 24 घंटे । परंतु अलेक्जेंडर बेन ने यह आविष्कार कर लोगों का काम बहुत ही सरल कर दिया है।

इसे विज्ञान का सर्वश्रेष्ठ कार्य माना जाता है। परंतु बढ़ रहे इंटरनेटीय ऐप के कारण लोग ईमेल या अन्य किसी ऐप से कागजातों को भेज देते है और कागजात प्राप्त करने वाला व्यक्ति उसके जेरॉक्स कॉपी निकाल लेता हैं। फैक्स मशीन का उपयोग बहुत ही कम हो गया है। आने वाले भविष्य में फैक्स मशीन का प्रयोग होगा या नहीं बताया नहीं जा सकता है।

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