भारत में गणतंत्र दिवस पर निबंध | Essay on Republic day in India in Hindi

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भारत में गणतंत्र दिवस पर 700 शब्दों का बड़े निबंध (Long Essay on Republic day in India in Hindi)

भारतीय न्यायिक तथा संपूर्ण लोकतांत्रिक गणराज्य के उत्सव को हमलोग गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। गणतंत्र दिवस संपूर्ण भारतवर्ष में 26 जनवरी को प्रतिवर्ष हर्षोल्लास के साथ एक त्यौहार के रूप में मनाया जाने वाला पर्व है। यह भारतवर्ष में राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मनाया जाता है पुलिस टॉप गणतंत्र दिवस में संपूर्ण भारतवर्ष में सरकारी अवकाश का ऐलान किया जाता है। सभी प्राइवेट तथा सरकारी दफ्तर में झंडोत्तोलन किया जाता है। मिठाइयां बांटी जाती है तरह-तरह के देशभक्ति गीतों पर कलाकारों द्वारा नृत्य आयोजन किया जाता है।बच्चों का उत्साह देखने योग्य होता है सांस्कृतिक रंगमंच का कार्यक्रम विद्यालयों में धूमधाम से मनाया जाता है।

किसी दिन हमारे महामहिम राष्ट्रपति लाल किले पर झंडा फहराते हैं तरह-तरह की झांकियां निकाली जाती है सैनिक अपना सर प्रदर्शन करते हैं। विभिन्न देशों के राजनयिक नेता हमारे देश में मेहमान के रूप में बुलाया जाते हैं। यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रेरक है। 26 जनवरी 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ था। इसी वर्ष से भारत पूर्ण रूप से आजाद हुआ और संपूर्ण प्रजातांत्रिक सरकार बनी।

इतिहास

अंग्रेज सरकार द्वारा भारत को डोमिनियन प्रदान नहीं कर रहा था। जिसके परिणाम स्वरूप सन 1929 दिसंबर माह में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन सभा पंडित जवाहरलाल नेहरु की अध्यक्षता में लाहौर में आयोजित की गई। इसमें एक प्रस्ताव को पारित किया गया जिसमें यह बताया गया कि अगर अंग्रेज सरकार 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमिनियन का पद प्रधान नहीं करती तो भारत खुद को स्वतंत्र राष्ट्र मानने लगेगा।

तब से ही 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा था परंतु अंग्रेजों के भारत छोड़ देने के ऐलान के पश्चात वास्तविक रुप से 15 अगस्त 1947 से भारत में स्वतंत्र दिवस मनाया जाने लगा। वास्तविक रुप से स्वतंत्र मिलने के बाद भारत में खुद का संविधान और न्यायिक प्रक्रिया बहाल करने हेतु डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पंडित जवाहरलाल नेहरू डॉ राजेंद्र प्रसाद सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि प्रमुख सदस्यों की उपस्थिति में संविधान सभा की घोषणा की गई।

संविधान सभा में कुल 22 कमीटियां थी। इस कमेटी का मूल कार्य संविधान लिखना था। संविधान लिखने का कार्य कमेटी ने 9 दिसंबर 1947 से ही आरंभ कर दिया था। इस संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे तथा प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को नियुक्त किया गया था।प्रारूप समिति ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में संविधान के निर्माण का कार्य पूरा किया। इस कार्य को पूरा करने में 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन लगे। 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान बनकर तैयार हो गया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को सुपुर्द कर दिया गया। 26 नवंबर को भारत संविधान दिवस के रूप में प्रतिवर्ष मनाता है।

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संविधान सभा ने संविधान निर्माण में संपूर्ण जनता की रायो को भी सम्मिलित किया। संविधान निर्माण में के समय में 114 दिन बैठक हुई और इस बैठक में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतंत्रता थी। संविधान निर्माण में 308 सदस्यों ने भाग ली थी। 24 जनवरी 1950 को सभी 308 सदस्यों ने सभी सुधारों और बदलावों के बाद हस्ताक्षर किया और 26 जनवरी 1950 यानी 2 दिन के बाद इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा ने 26 जनवरी का महत्व रखने हेतु संविधान में भारत को गणतंत्र राज्य का मान्यता दे दिया। इसी दिन से भारत को गणतंत्र राज्य घोषित किया गया और प्रति वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

गणतंत्र दिवस हमारे देश में त्याग और बलिदान के फल स्वरुप मिला वरदान है। 15 अगस्त 1947 को भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बना। स्वतंत्रता के पूर्व स्वतंत्रता के लिए हमारे भारत के वीर सपूतों ने अपनी लाखों लाख जाने हमारी खुशियों के लिए त्याग दिया था। लाखों माताओं ने अपनी गोदी सुनी कर ली लाखों स्त्रियों ने अपना सुहाग मिटा दिया था। यह गणतंत्र दिवस लाखों-करोड़ों लोगों द्वारा दी गई उपहार है यह हमारे पूर्वजों के कुर्बानी का परिणाम है। आज हम गर्व से कहते हैं भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है और हम यहां के नागरिक हैं। भारत नीति न्याय का दर्पण है। भारतीय संविधान की चर्चा विदेशों में भी होती है। यह संपूर्ण विश्व का समावेश है।

26 जनवरी को हम लोग गणतंत्र दिवस से भी पहले से आजादी के रूप में मनाते आ रहे हैं। वास्तव में भारत इसी दिन पूर्ण रूप से आजाद हुआ था। 26 जनवरी हमारे देश में उत्साह से मनाया जाने वाला राष्ट्रीय त्यौहार है इस दिन हर गली हर मोहल्ला तिरंगा से भरा होता है। बच्चों अपना कला बिखेर कर लोगों को रोमांचित करते हैं। सैनिक अपना सॉरी दिखा कर हमें गौरवान्वित करते हैं। इस दिन दिल खोलकर मिठाइयां बांटी जाती है। इस दिन ना कोई जात देखता है ना कोई मजहब बस प्यार ही प्यार दिखाई देती है।

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26 जनवरी को सर्वप्रथम राष्ट्रपति द्वारा झंडोत्तोलन किया जाता है और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को पढ़ाया जाता है तथा सामूहिक रूप से खड़े होकर राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी जाती है। राजधानी दिल्ली में उत्साह देखने लायक होती है। यहां परेड देखने लोग दूर-दूर से आते हैं देश-विदेश के लोग इस उत्सव का आनंद लेने आते हैं। इस परेड में थल सेना वायु सेना जल सेना के साथ साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर भी हिस्सा लेती है। यह परेड इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक जाती है जो कि राजपथ राजमार्ग पर स्थित है।

इसमें विभिन्न विद्यालयों के बच्चों भी भाग लेते हैं। इस दिन रेड करते हुए प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति पर पुष्प माला अर्पित करते हैं और शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन धारण किया जाता है। इस दिन देश में विभिन्न पदों पर कार्यरत पदाधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों, सैनिकों को उनके उत्कृष्ट कार्यो के लिए पुरस्कृत किया जाता है तथा मेडल दिए जाते हैं। इस दिन परेड में राष्ट्र के हर कोने की सांस्कृतिक झांकी देखने को मिलती है। यह एक हर्षोल्लास से भरा हुआ अद्भुत त्यौहार है इस पर हम लोगों को पुर्नत: नाज है।

500 words essay Republic day

भारत में गणतंत्र दिवस पर निबंध (500 शब्द)

परिचय 

भारत में  हर वर्ष 26 जनवरी को बहुत गर्व और उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह एक ऐसा दिन है जो हर भारतीय नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। यह उस दिन का प्रतीक है जब भारत वास्तव में स्वतंत्र हो गया और लोकतंत्र को गले लगा लिया। दूसरे शब्दों में, यह वह दिन मनाया जाता है जिस दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। 26 जनवरी 1950 को, स्वतंत्रता के लगभग 3 साल बाद, हम एक संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक गणराज्य बन गए |

यह कैसे मनाया जाता है ?

 26 जनवरी हमारा गणतंत्र दिवस है। हम हर साल इस दिन को मनाते हैं। इस दिन 1950 में भारतीय एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया था और उसका अपना एक संविधान था। गणतंत्र दिवस पूरे देश में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दिल्ली में, यह बहुत उत्साह और खुशी के बीच मनाया जाता है।

इस दिन एक विशेष परेड आयोजित की जाती है |सुबह-सुबह लोग परेड देखने के लिए राज पथ से लाल किले तक इकट्ठा होने लगते हैं । भारत के राष्ट्रपति सलामी लेते हैं। विजय चौक से जुलूस शुरू होता है। सशस्त्र बलों के सभी तीनों विंग परेड में हिस्सा लेते हैं। विभिन्न हथियारों, टैंकों, बड़ी तोपों और युद्ध के अन्य हथियारों का प्रदर्शन है। सैन्य बैंड अलग-अलग धुन बजाते हैं। N.C.C कैडेट और पुलिस भी परेड में भाग लेते हैं |

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गणतंत्र दिवस का प्रभाव

गणतंत्र दिवस पूरे देश में पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है और इस दिन को भारत सरकार द्वारा राजपत्रित सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित किया जाता है। इस महत्वपूर्ण दिन को मनाना गौरव और सम्मान की बात है। स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, और अन्य प्रतियोगिताओं जैसे प्रश्नोत्तरी, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित निबंध आयोजित किए जाते हैं। पूरे देश में लोग झंडे फहराते हैं और राष्ट्रगान गाते हैं। इस दिन, राष्ट्र के बच्चों और नागरिकों को बहादुरी पुरस्कार दिए जाते हैं ताकि वे लोगों को प्रेरित करें और उन्हें राष्ट्रवाद और राष्ट्र के लिए गर्व की भावना लाएं।

शिक्षण संस्थानों में समारोह

गणतंत्र दिवस का सम्मान करने के लिए, स्कूल, कॉलेज, सरकारी और निजी कार्यालय तिरंगे गुब्बारों और रिबन के साथ तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा, शैक्षिक संस्थानों में विशेष कार्य आयोजित किए जाते हैं, जहां छात्रों और शिक्षकों द्वारा इस तथ्य को मनाने के लिए सोचा-समझा भाषण दिया जाता है कि हम सभी अपने मतभेदों के बावजूद एकजुट बल के रूप में खड़े हैं।

भारत में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को क्यों मनाया जाता है?

कांग्रेस पार्टी ने जनवरी 1930 के अंतिम रविवार को पूर्ण स्वराज की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया, जो 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में आया। उन्होंने इस दिन को पूरे भारत में झंडा फहराने और महात्मा गांधी के कार्य सूची के अनुसार रचनात्मक कार्य पर शेष दिन बिताने का फैसला किया, जैसे कि चरखा, “अछूतों की सेवा” और हिंदुओं और मुसलमानों के “पुनर्मिलन”।

जवाहरलाल नेहरू की आत्मकथा में, उन्होंने लिखा, “26 जनवरी, 1930 को गणतंत्र दिवस आया, और यह हमारे सामने आया, एक चमक में, देश का सबसे मज़बूत और उत्साही मिज़ाज। हर जगह, शांतिपूर्वक और महान महानता के बारे में बहुत कुछ प्रभावशाली था। बिना किसी भाषण या उद्बोधन के स्वतंत्रता का संकल्प लेना।

निष्कर्ष

 भारत में गणतंत्र दिवस एक राजपत्रित सार्वजनिक अवकाश है और पूरे भारत में लोग गणतंत्र दिवस को देश भक्ति और खुशी की महान भावना के साथ मनाते हैं।

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